जीका वायरस वो घातक बीमारी है जो जिसे भी हुआ उसके लिए यह शराब से काम साबित नहीं हुआ है । यह वायरस और उससे होने वाली बीमारी इस साल का सबसे बड़ा प्रकोप है जो भारत में देखा गया है । अक्टूबर 2018 में पटवारी राजस्थान में करीब 9 मामले इस वायरस के है जो सामने आ चुके है । तो आगे हम इस वायरस को हर दृष्टि से समझने की कोशिश करेंगे और जानेंगे की यह असल मे है क्या इसके लक्षण क्या है और इस बीमारी से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है ।

देश में ज़ीका को ले कर आखिर हो क्या रहा है ?

जीका वायरस के राजस्थान के जयपुर जिले में अब तक 29 केस मिले है और बिहार में भी ऐसी कुछ अफवाह सामने आ रही है । देश के हर कोने मे विभिन्न निजी अवं सरकारी स्वस्थ संस्थाए जैसे आई.सी.एम.आर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च), नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और डी.जी.एच.एस. (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज) पूरी तरह से इस समस्या को गंभीरता से ले रही है और दिन-रात खोज में लगी हुई है ताकी पूरी तरह से इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकला जाए ।

जानिए आखिर हम लोगो को इस वायरस से डरने की आवश्यकता क्यों है ?

तो आखिर ये ज़ीका वायरस है क्या ? और ये जीका नाम कैसे पड़ा ?

जीका वाइरस एक RNA बीमारी है । जीका वायरस को उसका नाम युगांडा के जीका जंगलो के नाम से मिला जहा पर सन 1947 मे इस बीमारी का पहला मामला सामने आया था ।
यह वायरस उसी मच्चर के द्वारा फैलता है जो डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलता है जिसका नाम है “एजेस एजेपैटेल”। भारत के बहार के ट्रॉपिकल रीजन से हैट कर जो जगह है वहा पर देखा गया है की “एडस जिनस” नमक मच्चर भी इसको फैलता है ।

आखिर हम लोगो को इस वायरस से डरने की आवश्यकता क्यों है ?

इसके 4 बड़े कारण है जो स्पष्ट करेंगे को क्यों हमे इस वायरस से डरना चाहिए और कैसे ये हमारे लिए घातक साबित हो सकते है।

  1.  जीका वायरस जब भी किसी गर्भवती महिला के शरीर मे प्रवेश करता है तो उसके संक्रमण से उस महिला को होने वाला बच्चा शारीरिक रूप से कमज़ोर बना देता  है। जिसके साथ ही बच्चे के शरीर मे अनेको बीमारिया होने की पूरी संभावना है ।
  2.  भारत का जलवायु भी इस मच्चर को फैलने फूलने बढ़ने के लिए लाभकारी है जिस वजह से आने वाले समय मे ये समस्या पूरे देश के किसी भी कोने मे फैलने की  बहुत हद तक संभव है ।
  3.  यह मच्चर जो जीका वायरस जैसी बीमारी फैला रहा है वही मच्चर डेंगू और चिकनगुनिया जैसी घातक बीमारी भी फैलता है जो की खुद अपने आप मे एक बड़ी  समस्या जिससे हर साल हज़ारो की तादाद मे लोगो की मृत्यु होती है ।
  4.  इस सब के अलावा सबसे खतरनाक बात तो यह है की इस बिमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं निकल कर सामने आया है जिससे यह बात का होना तय है की  अगर आप के शरीर मे एक बार ये वायरस फैल गया तो इस बीमारी से फिलहाल के लिए छुटकारा नहीं पाया जा सकता है ।

जानिए इस घातक बीमारी के लक्षण क्या क्या है ?

इस घातक बीमारी के लक्षण क्या क्या है ?

1 बोहोत तेज बुखार
2 शरीर पर हर जगह चकत्ते
3 जोड़ो और घुटनो मे तेज़ दर्द
4 सर दर्द और बदन दर्द
5 आँख आना (conjunctivitis)
इस सब के अलावा शोध मे ये देखा गया है की ज़्यदा तर 25 से 30 प्रतिशत ही लोग है जिनमे ये लक्षण सामने दीखते है |

अगर आप सोच रहे थे को बात सिर्फ यही पर ख़तम हो जाती है तो यह गलत है क्युकी यह वायरस किसी भी इंसान मे मच्चर ही नहीं बल्कि संक्रिमित व्यक्ति के साथ यौन सम्बन्ध स्थापित करने से भी फैलता है यही वो कारण है जिसकी वजह से यह वायरस साड़ी दुनिया मे भर का माहोल फैलाया हुआ है

जानिए इस घातक बीमारी से हम बचे कैसे ?

इस घातक बीमारी से हम बचे कैसे ?

मच्छरो से दूर रहना है यही सबसे साफ़-सरल उपाय है जिसका हमे हमारी रोज़मर्रा को ज़िन्दगी मे ध्यान रखना है । ऐसी जगह जाने से बचे जहा मच्छर काफी मात्र मे होने को संभावना है । घर मे मच्छर मरने वाली दवा का उपयोग करे और पानी को कही भी किसी भी रूप मे खुले मे जमा ना होने दे ।
ऊपर बताये हुए लक्षणों मे से कोई भी लक्षण आप को अपने शरीर मे नज़र आता है तो तुरंत ही अपने नज़दीकी चिकत्सा केंद्र मे संपर्क करे ।

और हमारी मोदी सरकार इस विषय पर क्या कर रही है ?

दिल्ली में मोदी सरकार के केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने भी इस विषय में लोगो से अपील करि है की इससे डरिए मत उनका कहना है की ज़ीका वायरस काफी हद तक कंट्रोल में है यह, उनके मुताबिक – आई.सी.एम.आर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च), नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और डी.जी.एच.एस. (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज) पूरी तरह से इस समस्या को गंभीरता से ले रही है और दिन-रात खोज में लगी हुई है ताकी पूरी तरह से इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकला जाए ।

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